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कुछ पंक्तियां इस ब्लॉग के बारे में :

प्रिय पाठक,
हिन्दी के प्रथम ट्रेवल फ़ोटोग्राफ़ी ब्लॉग पर आपका स्वागत है.….
ऐसा नहीं है कि हिन्दी में अच्छे ब्लॉग लिखने वालों की कमी है। हिन्दी में लोग एक से एक बेहतरीन ब्लॉग्स लिख रहे हैं। पर एक चीज़ की कमी अक्सर खलती है। जहां ब्लॉग पर अच्छा कन्टेन्ट है वहां एक अच्छी क्वालिटी की तस्वीर नहीं मिलती और जिन ब्लॉग्स पर अच्छी तस्वीरें होती हैं वहां कन्टेन्ट उतना अच्छा नहीं होता। मैं साहित्यकार के अलावा एक ट्रेवल राइटर और फोटोग्राफर हूँ। मैंने अपने इस ब्लॉग के ज़रिये इस दूरी को पाटने का प्रयास किया है। मेरा यह ब्लॉग हिन्दी का प्रथम ट्रेवल फ़ोटोग्राफ़ी ब्लॉग है। जहाँ आपको मिलेगी भारत के कुछ अनछुए पहलुओं, अनदेखे स्थानों की सविस्तार जानकारी और उन स्थानों से जुड़ी कुछ बेहतरीन तस्वीरें।
उम्मीद है, आप को मेरा यह प्रयास पसंद आएगा। आपकी प्रतिक्रियाओं की मुझे प्रतीक्षा रहेगी।
आपके कमेन्ट मुझे इस ब्लॉग को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देंगे।

मंगल मृदुल कामनाओं सहित
आपकी हमसफ़र आपकी दोस्त

डा० कायनात क़ाज़ी

Monday, 2 March 2015

नवीन और प्राचीन का अनूठा संगम-पांडिचेरी


 Sunrise@Gandhi Statue

एक स्वप्न सा सजीला शहर जो संगम है कई सभ्यताओं का, उनकी संस्कृतियों का, उनकी आस्था का और परस्पर सौहार्द का। यहाँ भेद हैं वर्ण के, भाषा और आस्था के फिर भी यह एक हैं। एक शहर जो शान्त है, यहाँ शोर है तो सिर्फ समुद्र की लहरों का। यहाँ है अरबिन्दो आश्रम, एक आधुनिक और अन्तराष्ट्रीय  शहर-ऑरोविल, हैरिटेज बिल्डिंग्स, सुन्दर चर्च, स्मारक, मनोरम बीच, पार्क और बैकवाटर, संग्रहालय, मन्दिर, मस्जिद और भी बहुत कुछ।


White Town

पॉन्डिचेरी की यात्रा शुरू होती है चेन्नई से वाया ईस्ट कोस्ट हाईवे। जितना सुन्दर पोंड़ी है । उतना ही हसीन पोंड़ी पहुँचने का सफर है। हाइवे के बाई ओर लगातार आपके साथ चलता समुद्र तट। जलवायु में आद्रता होने के कारण यहाँ वर्ष भर हरयाली छाई  रहती है। घुमावदार सड़क के दोनों ओर हरे भरे पेड़ झुके हुए ऐसे दिखते हैं जैसे मुसाफिर का झुक कर स्वागत करते हों। दूर तक लहलहाते खेत और नारियल के झाड़, बैकवाटर, मछलियाँ पकड़ते मछुवारे, गाँव के किसान एक कम्प्लीट लैंडस्केप बनाते हैं।


Fisherman@work

 चेन्नई से 56 किमी दूर महाबलीपुरम पड़ता है जो कि यूनेस्को द्वारा हेरिटेज धरोहर घोषित किया गया है. यहाँ प्राचीन काल के मंदिर और गुफ़ाएँ हैं। कोरोमंडल समुद्र तट पर स्थित महाबलीपुरम शहर एक प्राचीन बंदरगाह है। चैन्नई से छुट्टी मनाने जाने के पसंदीदा स्थानों में से यह एक है। एक वृहद ऐतिहासिक पृष्ठभूमि होने के कारण महाबलीपुरम में पल्लव साम्राज्य के कई नायाब ऐतिहासिक स्मारक हैं। यहां के ज्यादातर मंदिर काटी गई गुफा के आकार के हैं। इस शहर का एक मुख्य आकर्षण यहां के सुंदर और साफ समुद्र तट हैं। इन तटों पर मछली पकड़ने और बोटिंग जैसी कई गतिविधियां उपलब्ध हैं।


Heritage Buildings@ Beach Road 

पॉन्डिचेरी बंगाल की खाड़ी  के कोरोमंडल तट पर स्थित है फ्रांसीसियों ने यहाँ लगभग तीन दशकों तक राज किया है जिसकी छाप  यहाँ की वास्तुकला और संस्कृति में झलकती है। फ्रेंच स्टाइल के घर, सड़कें, इमारतें। ऐसा लगता है जैसे आप किसी यूरोपीय देश में घूम रहे हैं। कहा जाता है की जब फ्रांसीसी  भारत आए तो यहाँ की जलवायु उनके लिए कठोर थी। इसलिए उन्होंने पानी के नज़दीक रहना बेहतर समझा और फ्रेंच लोगों के लिए ज़मीन के उस हिस्से का चुनाव किया जोकि समुद्र तट के नज़दीक था। आज इस जगह को फ्रेंच क्वाटर कहा जाता है। वहीँ यहाँ के मूल निवासी तमिलियन्स जोकि कृषि से जुड़े काम करते थे उन्होंने समुद्र से दूर ऐसा भू भाग चुना जहाँ खेती की जा सके। उनके वाले हिस्से को नाम मिला ब्लैक टाउन और फ्रेंच लोगों की बस्ती को कहा गया वाइट टाउन। एक छोटी सी नहर इन दोनों टाउन को बीच से अलग करती है। वाइट  टाउन में कोलोनियल आर्किटेक्चर और फ्रैंच कल्चर की झलक मिलती है। यहीं ब्लैक टाउन में पारम्परिक तमिल वास्तु कला को सहेजे कई मेंशन हैं जिन्हें हैरिटेज हॉटेल में परिवर्तित कर दिया गया है।

French Architecture@White town 

प्रोमेनेड बीच के नाम से प्रसिद्ध पांडिचेरी बीच यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। शाम के समय तट पर ट्रैफिक की आवाजाही बंद कर दी जाती है जिससे समुद्र किनारे टहलने के लिए यह एक आदर्श जगह बन जाती है। प्रोमेनेड बीच 1.5 कि.मी. में फैला है और शहर के सभी प्रमुख आकर्षण स्थान इसके आसपास ही हैं। यहाँ गाँधी जी की विशाल मूर्ति है, एक पुराना लाइट हाउस भी है। 


Gandhi Smarak@Beach Road

अरबिन्द्रो आश्रम के गेस्ट हाउस और प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए सैनिको की याद में बनाया गया वॉर मेमोरियल, कुछ हैरिटेज होटल और ला-कैफ़े। ला-कैफे में बैठ कर कॉफी पीने  का अपना अलग ही मज़ा है। 


La-Cafe @ Beach Road

नेपथ्य में समुद्र की लहरों का शोर और हल्की हल्की फुहारें सबकुछ दिल को लुभाने वाला। 



यहाँ बैठ कर सूरज की पहली किरण देखना बहुत लुभावना है। यहाँ सुबह सुबह बहुत चहल पहल हो जाती है। लोग मॉर्निंग वॉक  के लिए आते हैं। तो कोई पत्थरों पर बैठ कर ध्यान लगा रहा होता है। नेहरू स्टैचू  के पास एक प्लेटफार्म पर लोग योग करते हैं। पॉन्डिचेरी एक साफ सुथरा शहर है ,यहाँ के निवासी सफाई को लेकर काफी जागरूक हैं।


Shri Arbindo Ashram

यहाँ पर प्रसिद्ध श्री अरबिन्द्रो आश्रम स्थित है। अरबिन्द्रो आश्रम के अनुयायी देश विदेश से यहाँ आते हैं। वाइट् टाउन में श्री अरबिन्द्रो आश्रम का डाइनिंग हॉल, पुस्तकालय व कई गेस्ट हॉउस स्थित हैं। जिन इमारतों का रंग सुरमई है वह श्री अरबिन्द्रो आश्रम की इमारतें हैं। यहाँ ठहरने के लिए आप पहले से बुकिंग कर सकते हैं। सिंगल ट्रैवलर के लिए यह एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प है। पर यहाँ आश्रम के कुछ नियम है जिनका आपको पालन करना होगा जैसे -शराब और धूम्रपान निषेध है।

पांडिचेरी संग्रहालय एक अन्य देखने लायक जगह है. संग्रहालय में एक गैलरी है जिसमें अनेक मूर्तियाँ और अरिकामेडु रोमन व्यवस्था के समय की अनेक महत्वपूर्ण पुरातत्वीय वस्तुएँ हैं। यह संग्रहालय प्राचीनकाल की दुर्लभ कलाकृतियों का भंडारगृह है। यहाँ प्रदशित संग्रह में चोल और पल्लव राजवंश की अनेक दुर्लभ पीतल की मूर्तियाँ तथा पत्थर सम्मिलित हैं।


French war memorial

इस संगहालय में पांडिचेरी क्षेत्र से लाई गई सीपियों का भी एक बहुत अच्छा संग्रह है। यह संग्रहालय आने वालो को पांडिचेरी के औपनिवेशिक अतीत के बारे में जानने का अवसर देता है और भारत में फ्रांस के औपनिवेशिक शासन में एक अच्छी अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। पांडिचेरी संग्रहालय भारती पार्क में स्थित है।


The Church of Our Lady of the Immaculate Conception@ Cathedral Street

पोंड़ी मशहूर है अपने फ्रेंच कनेक्शन के लिए और इसी से जुड़े हैं कई सुन्दर चर्च. यहाँ काफी चर्च है

The Church of Our Lady Of Angels


 जिनमे एक चर्च बीच रोड से लगा हुआ ही है, दूसरा चर्च ब्लैक  टाउन में है वहीँ तीसरा- “सैक्रेड हार्ट चर्च ऑफ जीसस” रेलवे स्टेशन के नज़दीक पांडिचेरी के सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण चर्चों में से एक है।


Holy Sprite Church 

 यह चर्च वास्तुकला की गोथिक शैली में डिज़ाइन किया गया है इस चर्च की सबसे आकर्षक और आसानी से नज़र आने वाली विशेषता है इसकी स्टेन्ड काँचयुक्त खिड़कियाँ जो यीशु के जीवन के समय को दर्शाती हैं। यह चर्च एक ऐसी जगह है जो आने वालो को शांति और सुकून का अहसास देता है।


Basilica of the Sacred Heart of Jesus

Inside-Basilica of the Sacred Heart of Jesus 

Inside-Basilica of the Sacred Heart of Jesus 

Life of Jesus painted on glass

The beautiful neo-Gothic architecture

The beautiful neo-Gothic architecture-Basilica of the Sacred Heart of Jesus

Graffiti@the wall in French colony 

फिर मिलेंगे दोस्तों, भारत दर्शन में किसी नए शहर की यात्रा पर,तब तक

Promenade Beach


 खुश रहिये,और घूमते रहिये,

Tamilian Lady

एक शेर मेरे जैसे घुमक्कड़ों को समर्पित 
सैर कर दुनियाँ की ग़ाफ़िल ज़िन्दिगानी फिर कहाँ,
 ज़िन्दिगानी गर रही तो नौजवानी फिर कहाँ
आपकी हमसफ़र आपकी दोस्त 
डा० कायनात क़ाज़ी 

3 comments:

  1. पांडिचेरी पर इतने तफसील से, दिल से लिखा गया सफरनामा पढ़कर मज़ा आ गया। और वो चर्च की छत पर उड़ते बादलों को देखकर तो ठंडी सांस भरी मैंने। तुम्हारे साथ एक लंबे सफर पर निकलने की योजना है, जल्द है सैर भी करेंगे और फोटोग्राफी के हुनर भी सीखेंगे।

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  2. अलका जी सफरनामा आपको पसंद आया इसकेलिए तहेदिल से शुक्रिया।

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