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कुछ पंक्तियां इस ब्लॉग के बारे में :

प्रिय पाठक,
हिन्दी के प्रथम ट्रेवल फ़ोटोग्राफ़ी ब्लॉग पर आपका स्वागत है.….
ऐसा नहीं है कि हिन्दी में अच्छे ब्लॉग लिखने वालों की कमी है। हिन्दी में लोग एक से एक बेहतरीन ब्लॉग्स लिख रहे हैं। पर एक चीज़ की कमी अक्सर खलती है। जहां ब्लॉग पर अच्छा कन्टेन्ट है वहां एक अच्छी क्वालिटी की तस्वीर नहीं मिलती और जिन ब्लॉग्स पर अच्छी तस्वीरें होती हैं वहां कन्टेन्ट उतना अच्छा नहीं होता। मैं साहित्यकार के अलावा एक ट्रेवल राइटर और फोटोग्राफर हूँ। मैंने अपने इस ब्लॉग के ज़रिये इस दूरी को पाटने का प्रयास किया है। मेरा यह ब्लॉग हिन्दी का प्रथम ट्रेवल फ़ोटोग्राफ़ी ब्लॉग है। जहाँ आपको मिलेगी भारत के कुछ अनछुए पहलुओं, अनदेखे स्थानों की सविस्तार जानकारी और उन स्थानों से जुड़ी कुछ बेहतरीन तस्वीरें।
उम्मीद है, आप को मेरा यह प्रयास पसंद आएगा। आपकी प्रतिक्रियाओं की मुझे प्रतीक्षा रहेगी।
आपके कमेन्ट मुझे इस ब्लॉग को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देंगे।

मंगल मृदुल कामनाओं सहित
आपकी हमसफ़र आपकी दोस्त

डा० कायनात क़ाज़ी

Tuesday, 9 June 2015

गर्ल्स जब अकेले ट्रॅवल करें तो इन पाँच बातों का ध्यान रखें

टिप्स: फीमेल ट्रैवलर्स के लिए





गर्ल्स जब अकेले ट्रॅवल करें तो इन पाँच बातों का ध्यान रखें


हर लड़की की ख्वाहिश होती है कि वह पंख लगा कर सारा आकाश छू ले. सारी दुनियाँ घूमें, नई नई जगह देखे, उसे जाने समझे…नए नए लोगों से मिले...दुनिया को अपनी नज़र से देखे ना की दूसरों के नज़रिए से, पर  हम में से कितनी लड़कियां ऐसी होंगी जो अपनी इस सपने को सच कर पाती होंगी. पर अब वक़्त बदल गया है दोस्तों, आप भी सोचती होंगी की मैं भी बाहर निकलूं, दुनियाँ देखूं. तो फिर देर किस बात की है. आपको आपके सपने पूरे करने के लिए कौन रोक सकता है. ज़रूरत है तो सिर्फ़ अपने अंदर थोड़े से आत्म विश्वास की..

दोस्तों मैने भी जब ट्रॅवेल करना शुरू किया था तो मेरे भी सामने बहुत सारे सवाल थे. मैं अकेले कैसे जा सकती हूँ ? कहाँ ठहर सकूँगी? वो जगह सुरक्षित होगी कि नही? कहीं कुछ गड़बड़ हो गई तो?

ऐसे ना जाने कितने ही सवाल थे जो मुझे भी परेशान करते थे. मैं भी घबराती थी, और घबराहट होना कोई अनोखी बात नही है. यह स्वाभाविक है..सबको होती है.इसलिए इससे घबराना नही है. हाँ, अपने अंदर के भय को काबू करना ज़रूरी है और जिसके लिए ज़रूरी है पूरी तैयारी.

मैं इस बात को अच्छी तरहं समझती हूं कि सोलो ट्रॅवेल करना आसान काम नही है. दरअसल सोलो ट्रॅवेल करने का आत्मविश्वास आपको आएगा भी तभी जब आप एक बार ट्रॅवेल करना शुरू करेंगी. ऐसा नही है की आप अपनी पहली ही यात्रा सोलो करने निकल जाएँ. यह कुछ कुछ बॉर्न्विल चोकॉलेट जैसा है. यू हेव टू अर्न इट
अगर आपको घुमककड़ी का शौक़ है, तो पहले ग्रूप मे ट्रॅवेल कीजिए..आप चाहें तो बड़े ग्रूप में ट्रॅवेल करें या छोटे में..अपने परिवार के साथ या फिर दोस्तों के साथ.अगर आप शुरूवात  कर रही हैं तो ज़रूरी है की पहले आप घर से निकलें.हमारे देश मे महिलाएँ हमेशा परिवार के साथ ही ट्रॅवेल करती हैं और हमेशा ऐसा ही देखने मे आता है कि उनके परिवार के पुरुष ही सारी तैयारी करते हैं. पर अब वक़्त आ गया है की आप भी फ्रंट सीट संभालें और अकेले ट्रॅवेल की ज़िम्मेदारी उठाएँ. जब आप सब कुछ अपने आप करेंगी तो आपके आत्मविश्वास का लेवल ही अलग होगा. आपको खुद लगेगा की आप भी सिचुयेशन अच्छी तरह संभाल सकती हैं.

आज लड़कियाँ चाँद तो क्या मंगल तक पर चक्कर लगा आई हैं फिर यह तो छोटी सी बात है. मैं ट्रॅवेल राइटर और फोटोग्राफर हूँ..मैं आप से शेयर करूँगी ट्रॅवेलिंग से जुड़े कुछ टिप्स ..जो आपको इस तैयारी में मदद करेंगे.

1. थोड़ी रिसर्च ज़रूरी है:


अगर आप पहली बार अकेले ट्रॅवेल कर रही हैं तो उसके लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करें. जहाँ जा रही हैं उस जगह के बारे में पूरी रिसर्च कर के जाएँ. अपनी आइटिनरी को खुद प्लान करें और आइटिनरी बनाने से पहले उन जगहों के बारे मे ट्रॅवेल से जुड़ी वेब साइटों पर जा कर लोगों के रिव्यू ज़रूर पढ़ें.

2. कहाँ ठहरें:

यह एक अहम मुद्दा है खास करके भारत मे ट्रॅवेल करने का. पिछले कुछ दिनों मे महिलाओं के साथ हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए की आप जहाँ भी जाएँ अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहें. यह सब की ही चिंता का विषय होता है की आप कहाँ पर ठहरएंगी? बजट होटल्स सुरक्षित होते भी हैं कि नहीं! अब हमेशा तो फ़ाइव स्टार होटल मे तो रुका नही जा सकता है.
इस परेशानी का हाल भी है मेरे पास. आप यूथ हॉस्टिल असोसियेशन की मेंबरशिप ले सकती हैं. पूरे देश मे इनके हॉस्टिल बने हुए हैं. यहाँ मेंबरशिप एक साल की ली जा सकती है और आपको यूथ हॉस्टिल मे ठहरना पसंद आजाए तो आप अपनी मेंबरशिप को पूरे जीवन के लिए भी ले सकती हैं. यूथ हॉस्टिल असोसियेशन वेबसाइट पर जा कर आप सारी जानकारी ले सकती हैं. यह हॉस्टिल पूरी तरह सुरक्षित होते हैं. यूथ हॉस्टिल असोसियेशन के पेंतालीस हज़ार हॉस्टिल हैं. होस्टेलस का यह विशाल नेटवर्क भारत के साथ साथ पूरे नब्बे देशों मे फैला हुआ है. अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें. http://www.yhaindia.org/

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3. समय और कल्चर का ध्यान भी ज़रूरी है:


एक कहावत है- "ग्रेट फ्रीडम कम्स विद ग्रेट रेस्पॉन्सिबिलिटी" जब आप सोलो ट्रॅवेल करते हैं तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी आपकी होती है...सिर्फ़ आपकी...इसलिए उस फ्रीडम को एंजाय करें लेकिन ज़िम्मेदारी के साथखूब मज़े करें..,खूब पार्टी करें.,.पर हमेशा अपने होश ठिकाने रखें. मेरा खुद का अनुभव कहता है कि जब तक मेरे होश सलामत हैं और जेब में पैसे है. मैं कैसी भी सिचुयेशन को संभाल सकती हूँ.
ध्यान रखें कि आप जिस जगह जा रही हैं वहाँ के कल्चर का भी ध्यान रखें और अपने आने जाने के वक़्त पर भी नज़र रखें. रात में अकेली लौट रही हों तो ऐसा रास्ता चुने कि जहाँ पर ट्रेफिक चलता रहता हो.

4. अपने आसपास की हलचल पर नज़र:

सोलो ट्रॅवेल ट्रॅवेल करने का एक गोलडेन रूल है. आप कहीं भी जाएँ, कुछ भी करें पर अपने आस पास होने वाली हर हलचल पर नज़र बनाए रखें. अगर आप कुछ भी असामान्य महसूस करें तो उस स्थान को तुरंत छोड़ दें. अगर आपको रास्ता पूछना है तो पास के किसी दुकानदार से रास्ता पूछें और कोशिश करें की अपनी पॉकेट डायरी मे नोट कर लें.
एक और ज़रूरी बात. अपने साथ पेपर स्प्रे की बॉटल ज़रूर रखें और उसे हेंडी  भी रखें. ज़रूरत पड़ने पर यह आपके बहुत काम आ सकती है.

5. टूरिस्ट इन्फर्मेशन सेंटर ज़रूर जाएं:

हमारे देश मे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिस्ट इन्फर्मेशन सेंटर खोले गए हैं. यह सेंटर लगभग उन सारी जगहों पर होते हैं जहां पर लोग घूमने के लिए जाते हैं. आप जहां जा रही हैं उस स्थान पर पहुँच कर सबसे पहले टूरिस्ट इन्फर्मेशन सेंटर पर ज़रूर जाएँ. वहाँ आपको काफ़ी जानकारियाँ मिल जाएँगी साथ ही आप वहाँ से टूरिस्ट मेप भी खरीद सकती हैं. यह मेप आपके बहुत काम आएगा.



तो दोस्तों देर किस बात की है? हो जाइए तैयार अपने सपनों को सच करने के लिए.

फिर मिलेंगे दोस्तों, कुछ नए टिप्स के साथ,

तब तक खुश रहिये, और घूमते रहिये,

आपकी हमसफ़र आपकी दोस्त


डा० कायनात क़ाज़ी




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